# संशोधन एवं सुधार नीति — संस्कृत‍ि न्यूज़ **संस्कृति न्यूज़** का उद्देश्य अपने पाठकों तक सत्य, तथ्यपरक, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी जानकारी पहुँचाना है। यदि प्रकाशित समाचार में कोई तथ्यात्मक त्रुटि, अधूरी जानकारी या महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है, तो उसे पारदर्शिता के साथ सुधारना हमारी संपादकीय जिम्मेदारी है। 1. तथ्यात्मक त्रुटि का तत्काल सुधार यदि किसी समाचार में नाम, स्थान, आंकड़े, तारीख, पद, बयान या अन्य महत्वपूर्ण तथ्य गलत पाए जाते हैं, तो संस्कृत‍ि न्यूज़ उसकी पुष्टि करने के बाद यथाशीघ्र सुधार करेगा। गंभीर त्रुटि होने पर समाचार में स्पष्ट रूप से **“सुधार”** अंकित किया जाएगा। 2. अपडेट और नई जानकारी की स्पष्ट सूचना यदि समाचार प्रकाशित होने के बाद कोई नया और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आता है, तो मूल समाचार को हटाने के बजाय आवश्यकतानुसार“अपडेट” के रूप में नई जानकारी जोड़ी जाएगी। इससे पाठकों को समाचार के विकास की पूरी जानकारी मिल सकेगी। 3. सुधार में पारदर्शिता महत्वपूर्ण संशोधन होने पर संस्कृत‍ि न्यूज़ यह स्पष्ट करेगा कि **क्या बदला गया और आवश्यकता पड़ने पर क्यों बदला गया।** छोटे टाइपो, वर्तनी या सामान्य भाषा संबंधी सुधारों के लिए अलग से सूचना देना आवश्यक नहीं होगा। 4. पाठकों और संबंधित पक्षों की शिकायत का सम्मान पाठक, समाचार से संबंधित व्यक्ति, संस्था या अधिकारी यदि किसी तथ्य में गलती की ओर ध्यान दिलाते हैं, तो संपादकीय टीम उसकी स्वतंत्र रूप से जाँच करेगी। केवल शिकायत प्राप्त होने के आधार पर समाचार नहीं बदला जाएगा; सुधार तथ्य और विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि के बाद ही किया जाएगा। 5. सत्यापन के बाद ही अंतिम संशोधन किसी भी महत्वपूर्ण सुधार से पहले उपलब्ध **सरकारी दस्तावेज, आधिकारिक बयान, प्रत्यक्ष स्रोत, विश्वसनीय समाचार स्रोत और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया** का क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाएगा। हमारा लक्ष्य समाचार को केवल जल्दी प्रकाशित करना नहीं, बल्कि **सही, संतुलित और विश्वसनीय रूप में प्रकाशित करना** है। संस्कृति न्यूज़ का संकल्प: गलती छिपाना नहीं, गलती सुधारना हमारी पत्रकारिता की पहचान है। नोट: यह नीति संस्कृति न्यूज़ की संपादकीय पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए तैयार की गई है और इसे समय-समय पर आवश्यकतानुसार अपडेट किया जा सकता है।